नई दिल्ली। सामाजिक न्याय और महिला अधिकारिता आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री चौधरी इरफान ने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को समानता, न्याय, सम्मान और विकास का अधिकार मिलना चाहिए। इसी उद्देश्य को लेकर सामाजिक न्याय, महिला अधिकारिता एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में जागरूकता और जनसेवा के कार्यों को संपूर्ण भारतवर्ष में व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।
श्री चौधरी इरफान ने कहा कि “सबका साथ, सबका विकास” की भावना से प्रेरित होकर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी और लाभ पहुंचाने के लिए आयोग निरंतर कार्य करेगा। जरूरतमंद लोगों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने, उनकी समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाने तथा समाधान के लिए उचित मार्गदर्शन देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
आयोग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता शिविर, महिला सशक्तिकरण अभियान, सामाजिक न्याय कार्यक्रम और जनसहायता शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से महिलाओं, गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों तथा वंचित वर्गों को सरकारी योजनाओं, अधिकारों और उपलब्ध सहायता के संबंध में जागरूक किया जाएगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी इरफान ने कहा कि आयोग का उद्देश्य केवल योजनाओं की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि पात्र लाभार्थियों को सही प्रक्रिया की जानकारी देकर उन्हें योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सहयोग करना भी है। साथ ही, समाज में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर अभियान चलाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण तभी संभव है, जब समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर और न्याय मिले। आयोग सामाजिक सद्भाव, समानता, महिला सशक्तिकरण और जनकल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य करता रहेगा।
श्री चौधरी इरफान ने आयोग के सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जनसेवा और जागरूकता अभियानों को प्राथमिकता दें तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए सक्रिय रूप से कार्य करें।
सामाजिक न्याय और महिला अधिकारिता आयोग का संकल्प है —“हर व्यक्ति तक न्याय, हर महिला को सम्मान, हर जरूरतमंद तक सहायता और हर पात्र व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना हमारा कर्तव्य हैं

